तू कहीं बाकी हैं

बिछड़ के भी आज तू मुझ में कहीं बाकी है । बगल के शहर से भी गुजरो तो भी तू महक जाती है कोई पहला अक्षर भी बोले जो नाम का तेरे बस वो यादें उगलने के लिए काफी है । ना बन पाए किसी और के , हम आज भी हैं तेरे क्या ये... Continue Reading →

चले गए वो

जाने वाले तो चले गए लेकिन तमाशा मेरी जंदगी का बन गया…. पुरी ज़िन्दगी वफा करके भी आज में बेवफ़ा बन गया ।।

ज़िक्र

आज भी मेरे हर अल्फ़ाज़ में तेरे आने का ज़िक्र रहता हैं ।तू पास नहीं फिर भी तेरी सांसो का मुझ में इत्र रहता हैं ।।@hardikrudani

WordPress.com.

Up ↑