क्या में शायर हूं?

क्या में शायर हूं? मुझे शब्दों से खेलना अच्छा लगता हैं। तोड़ मरोड़ कर बातें बनाना अच्छा लगता हैं। तो क्या में शायर हूं?   दिल की बात होठों पर लाने का इंतज़ार रहता हैं। मन की आहें ज़ुबान पर आए, ये ख्वाब पूरा करना हैं। तो क्या में शायर हूं?   एक ही बात... Continue Reading →

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