Dark Night

It was a dark night, so creepy and scary I was a solitary man, on the way to go back home Creatures sounding like a howl from at a distant A deluge of rain and blood-curdling thunderstorm Leisurely I was walking and

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तू कहीं बाकी हैं

बिछड़ के भी आज तू मुझ में कहीं बाकी है । बगल के शहर से भी गुजरो तो भी तू महक जाती है कोई पहला अक्षर भी बोले जो नाम का तेरे बस वो यादें उगलने के लिए काफी है । ना बन पाए किसी और के , हम आज भी हैं तेरे क्या ये... Continue Reading →

बेरुखी/Ridiculous

इस बेरुखी पे कहा अब जाएं ख़ुदा वो लड़ते हैं मग़र समझाते जाते नहीं हमने रखा है उनको छूपा के बड़ा वो पास आते नहीं हम दुर जाते नहीं This is ridiculous now show the way where i can go He fight with me but do not understand I've kept him hidden Everytime everyday from... Continue Reading →

Samajh baithe

Dil to nhi tuta mohtarma Bs dilgai galt kr li thi Kisi or ki khani me Kisi or ke hisse ki Kuch dino ke liye Kmi puri bas kr di thi Hum nadan the jo ise ishq samjh baithte Khata dil ki jo Umiad jaga baithe Khwabo ke tutne ko Or Unke ruthne ko Galat... Continue Reading →

Jane Bhi Do

उसकी बेवफाई पे उसको माफ़ कर जिक्र भी मत कर, नजरअंदाज कर ना जाने कितने रिस्ते खो दोगे उसे याद कर दिल से उसे साफ कर, चल अब माफ़ कर Jo chla gya Chlo ab use jane bhi do Uski yado ko Kisi kone me dafna bhi do ! Hoga tumhara to To lot bhi... Continue Reading →

गुरुर

उन्हें ना जाने क्या गुरुर रहता है हमारे हजारों चाहने वाले हैं पर हमें वो चाहिए उसकी आँखों में हमने पढ़ा ही नहीं उसे हम चाहिए या फ़ितूर चहिये हो सकता है हो वो गज़ब के हसिन पर हमको लगा हैं बस अजनबी अजनबी की महफ़िल में बैठ के भी खुदा से दुआ में दुआ... Continue Reading →

त्याग

त्याग दी ख्वाहिश उसने कुछ करने के लिए जैसे राम ने सब खोया था "श्री राम" बनने के लिए आरजु ओर दुआ सब छुपा के बैठे हैं खुद में वनवास काटना है उन्हें भी मग़र खुद के लिए मुझे समझ कर भी उन्होंने नजरअंदाज कर दिया जैसे लक्ष्मण ने किया था उर्मिला को कुछ पल... Continue Reading →

ख़ुदा

मुझे हर दुःख की "दवा" चाहिए दुआ है दुआ में खुदा चाहिए बड़ी सिद्दत से पाला है मुझे उस ख़ुदा के लिए भी दुआ चाहिए मेरी आँखों में मुझको माँ पढ़ लेती है किताबें थी जिसने पढ़ी ही नहीं मेरे लफ्ज़ो से पहले पिता से मिला सब मुझे ओर कहूं मैं की मुझे समझा ही... Continue Reading →

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