तुम बदले थे, हम संभले थे

तेरा आना भी जरूरी था ओर जाना भी लाज़मी था भला इश्क़ है क्या दुनिया मे समझाना भी लाज़मी था ना तो ग़लती थी तेरी ना ग़लत तब मैं थी तेरा सताना भी जरूरी था तड़पाना भी लाज़मी था मेरी रूह के एक हिस्से को चुराना भी लाज़मी था मैं रोई थी, की खोई थी... Continue Reading →

गुनाह

गुनाह किया है इश्क़ का तो सजा भी ख़ास होगी बेमतलब महोबत्त की दास्तां मतलब पे आकर रुकेगी वो हमदम तेरा दिलबर आज भी तेरा ही होगा बस फ़र्क इतना कि अब तुझे उसपर हक नहीं होगा अपनी परछाई में भी जब सुरत उसकी ही दिखेगी तो समझ जाना बस अब से कहानी उल्टी ही... Continue Reading →

क्या हुआ अगर अब हमारी बात नहीं होती

वो मुझमें मुझसा खोया है दिल मे कहीं दफन सा होया है वो चांद है मेरी रातों का बरसात दोपहर की भादों का वो आज भी मुझमें ज़िन्दा है मेरा है मुझपे ही मरता है ब-दस्तूर हमारा मिलना है जुस्तजु क्या जो बिछड़ना है वो सिद्दत है मेरी दुआओं का इबरत है मेरी वफ़ाओं का... Continue Reading →

डर लगता है

दुनिया की लकीरों से डर लगता है महोबत के फकीरों से डर लगता है हो ना जाये महबुब-ए-गली में जिस्मों का सौदा इश्क़ नहीं! हमें इश्क़ के गरीबों से डर लगता है #SuDhi SuDhi

तुम

इतना टुट के जुड़ा फ़िर उठ खड़ा हुँ मैं तुम अब आकर चली गई तो तोड़ ना पाओगी रातों की तन्हाइयों से बड़ा लड़ा हुँ मैं तुम भुला के, गले लगा के रुला ना पाओगी SuDhi #SuDhi #hearts_database #heartbreak #lovequotes #loneliness #heartbroken #lovestory #SuDhi Follow my writings on @yourquoteapp #yourquote #quote #stories #qotd #quoteoftheday #wordporn... Continue Reading →

तब से आना छोड़ दिया

मैं बुझी बुझी सी रहती हुँ ना किसी को कुछ मैं कहती हुँ मेरी आँखों में भी पानी है नहीं आँशु नहीं, वो कहते मेरी कहानी हैं क्योंकि उसने मुझको तोड़ दिया तब से आना छोड़ दिया हा उसने तब से आना छोड़ दिया मुझे याद वो काली रात भी है जो हमारे इश्क़ की... Continue Reading →

किताब लिए बैठे है

हमने सुना है वो ग़मो की, क़िताब लिए बैठे हैं टूटे दिलों में नापाक-ए-इश्क़ की, बसीरत साफ़ लिए बैठे हैं क़दर ना की कभी हमारे आंसुओं की, वो आज आँखों में सैलाब लिए बैठे हैं सीखा दिया जीना हमे ग़मो में, वो अकेलेपन में बर्बाद हुए बैठे हैं गुप्तगू जिन्होंने की थी ज़माने से, हमारी... Continue Reading →

याद है मुझे

हा याद है मुझे आज भी वो तेरी अच्छी बातें जो कभी ना निकली थी तेरी जुबां से पल में तू पल को मुझको मगरूर बता देती आँखों में बेशर्मी ले मुझे मजबूर बना देती कैसे भूल मैं सकता हु तेरा मुझको तड़पाना इश्क़ भले ना हो मुझसे पर मुझे गद्दार तेरा बताना मैं भी... Continue Reading →

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