Rhythm of life

The rhythm of life tunes itself to the music of time. Our heart as a drum beating inside is the true rhythm of life. whether rich or poor, there is one life on offer, Each day being a gift from God's box of treasure. Like sand trickling in the hour-glass, life at it's own pace... Continue Reading →

Mother

I adore her She is my love, my life. in my ephemeral life She spurs me how to cross ordeal I admit it She is my love, my life. In my achromatic life She provokes me how to become chromatic I admire her She is my love, my life. In my workaholic nature she instigate... Continue Reading →

क्या में शायर हूं?

क्या में शायर हूं? मुझे शब्दों से खेलना अच्छा लगता हैं। तोड़ मरोड़ कर बातें बनाना अच्छा लगता हैं। तो क्या में शायर हूं?   दिल की बात होठों पर लाने का इंतज़ार रहता हैं। मन की आहें ज़ुबान पर आए, ये ख्वाब पूरा करना हैं। तो क्या में शायर हूं?   एक ही बात... Continue Reading →

तेरे करीब आने से

मैं खुद को भुल जाती हुं, तेरे करीब आने से की मैं मैं नहीं रहती, तेरे मुझको बुलाने पे मेरी आँखों की हया, ओर धड़कनों की सरगम कुछ गुनगुनाती है, तेरी सुरत दिखाने पे तलब मुझको युं तेरी है, की सीने से मैं लग जाऊ मैं दुनिया भुला दुं गी, तेरे महोबत्त दिखाने पे ना... Continue Reading →

Dark Night

It was a dark night, so creepy and scary I was a solitary man, on the way to go back home Creatures sounding like a howl from at a distant A deluge of rain and blood-curdling thunderstorm Leisurely I was walking and

तू कहीं बाकी हैं

बिछड़ के भी आज तू मुझ में कहीं बाकी है । बगल के शहर से भी गुजरो तो भी तू महक जाती है कोई पहला अक्षर भी बोले जो नाम का तेरे बस वो यादें उगलने के लिए काफी है । ना बन पाए किसी और के , हम आज भी हैं तेरे क्या ये... Continue Reading →

धडक़न/Flutter

मैं सोच सोच में सोच से हारी तुमने कुछ सोचा ही नहीं मैं साथ रहुं या दुर कहीं तुमने मुझसे पुछा ही नहीं मैं सहमी सी कुछ बदली सी की तुझको तो कुछ पता नहीं मैं आदत थी कब बदल गई तुम्हें मालूम था मुझे पता नहीं मैं सोचूँ की सब ख़त्म हुआ पर हुआ... Continue Reading →

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