गुरुर

उन्हें ना जाने क्या गुरुर रहता है हमारे हजारों चाहने वाले हैं पर हमें वो चाहिए उसकी आँखों में हमने पढ़ा ही नहीं उसे हम चाहिए या फ़ितूर चहिये हो सकता है हो वो गज़ब के हसिन पर हमको लगा हैं बस अजनबी अजनबी की महफ़िल में बैठ के भी खुदा से दुआ में दुआ... Continue Reading →

त्याग

त्याग दी ख्वाहिश उसने कुछ करने के लिए जैसे राम ने सब खोया था "श्री राम" बनने के लिए आरजु ओर दुआ सब छुपा के बैठे हैं खुद में वनवास काटना है उन्हें भी मग़र खुद के लिए मुझे समझ कर भी उन्होंने नजरअंदाज कर दिया जैसे लक्ष्मण ने किया था उर्मिला को कुछ पल... Continue Reading →

ख़ुदा

मुझे हर दुःख की "दवा" चाहिए दुआ है दुआ में खुदा चाहिए बड़ी सिद्दत से पाला है मुझे उस ख़ुदा के लिए भी दुआ चाहिए मेरी आँखों में मुझको माँ पढ़ लेती है किताबें थी जिसने पढ़ी ही नहीं मेरे लफ्ज़ो से पहले पिता से मिला सब मुझे ओर कहूं मैं की मुझे समझा ही... Continue Reading →

तुम बदले थे, हम संभले थे

तेरा आना भी जरूरी था ओर जाना भी लाज़मी था भला इश्क़ है क्या दुनिया मे समझाना भी लाज़मी था ना तो ग़लती थी तेरी ना ग़लत तब मैं थी तेरा सताना भी जरूरी था तड़पाना भी लाज़मी था मेरी रूह के एक हिस्से को चुराना भी लाज़मी था मैं रोई थी, की खोई थी... Continue Reading →

गुनाह

गुनाह किया है इश्क़ का तो सजा भी ख़ास होगी बेमतलब महोबत्त की दास्तां मतलब पे आकर रुकेगी वो हमदम तेरा दिलबर आज भी तेरा ही होगा बस फ़र्क इतना कि अब तुझे उसपर हक नहीं होगा अपनी परछाई में भी जब सुरत उसकी ही दिखेगी तो समझ जाना बस अब से कहानी उल्टी ही... Continue Reading →

क्या हुआ अगर अब हमारी बात नहीं होती

वो मुझमें मुझसा खोया है दिल मे कहीं दफन सा होया है वो चांद है मेरी रातों का बरसात दोपहर की भादों का वो आज भी मुझमें ज़िन्दा है मेरा है मुझपे ही मरता है ब-दस्तूर हमारा मिलना है जुस्तजु क्या जो बिछड़ना है वो सिद्दत है मेरी दुआओं का इबरत है मेरी वफ़ाओं का... Continue Reading →

तुम

इतना टुट के जुड़ा फ़िर उठ खड़ा हुँ मैं तुम अब आकर चली गई तो तोड़ ना पाओगी रातों की तन्हाइयों से बड़ा लड़ा हुँ मैं तुम भुला के, गले लगा के रुला ना पाओगी SuDhi #SuDhi #hearts_database #heartbreak #lovequotes #loneliness #heartbroken #lovestory #SuDhi Follow my writings on @yourquoteapp #yourquote #quote #stories #qotd #quoteoftheday #wordporn... Continue Reading →

वो तेरी मेरी पहली बारिश थी

तु मुझमें खो कर मदहोश हुआ, मैं तुझपे मर जग जीत ली थी, जो तुझको चाहा सिद्दत से, हर ख़्वाब में तुझ संग ज़ी ली थी, हर अश्क़ में मेरे शामिल तू, इश्क़ को मेरे हासिल था, मासूम महोबत की चाह तो, जैसे ￰मोजज़ा की साज़िश थी, वो तेरी मेरी पहली बारिश थी, वो तेरी... Continue Reading →

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