क्या में शायर हूं?

क्या में शायर हूं? मुझे शब्दों से खेलना अच्छा लगता हैं। तोड़ मरोड़ कर बातें बनाना अच्छा लगता हैं। तो क्या में शायर हूं?   दिल की बात होठों पर लाने का इंतज़ार रहता हैं। मन की आहें ज़ुबान पर आए, ये ख्वाब पूरा करना हैं। तो क्या में शायर हूं?   एक ही बात... Continue Reading →

इंसाफ

मोहरे अक्सर मात खाते हैं जब बात वज़ीर की आती है वो अपने कह लुट जाते हैं जब बात इंसाफ की आती है #SuDhi SuDhi

Jane Bhi Do

उसकी बेवफाई पे उसको माफ़ कर जिक्र भी मत कर, नजरअंदाज कर ना जाने कितने रिस्ते खो दोगे उसे याद कर दिल से उसे साफ कर, चल अब माफ़ कर Jo chla gya Chlo ab use jane bhi do Uski yado ko Kisi kone me dafna bhi do ! Hoga tumhara to To lot bhi... Continue Reading →

त्याग

त्याग दी ख्वाहिश उसने कुछ करने के लिए जैसे राम ने सब खोया था "श्री राम" बनने के लिए आरजु ओर दुआ सब छुपा के बैठे हैं खुद में वनवास काटना है उन्हें भी मग़र खुद के लिए मुझे समझ कर भी उन्होंने नजरअंदाज कर दिया जैसे लक्ष्मण ने किया था उर्मिला को कुछ पल... Continue Reading →

ख़ुदा

मुझे हर दुःख की "दवा" चाहिए दुआ है दुआ में खुदा चाहिए बड़ी सिद्दत से पाला है मुझे उस ख़ुदा के लिए भी दुआ चाहिए मेरी आँखों में मुझको माँ पढ़ लेती है किताबें थी जिसने पढ़ी ही नहीं मेरे लफ्ज़ो से पहले पिता से मिला सब मुझे ओर कहूं मैं की मुझे समझा ही... Continue Reading →

गुनाह

गुनाह किया है इश्क़ का तो सजा भी ख़ास होगी बेमतलब महोबत्त की दास्तां मतलब पे आकर रुकेगी वो हमदम तेरा दिलबर आज भी तेरा ही होगा बस फ़र्क इतना कि अब तुझे उसपर हक नहीं होगा अपनी परछाई में भी जब सुरत उसकी ही दिखेगी तो समझ जाना बस अब से कहानी उल्टी ही... Continue Reading →

पर्दा

हर किसी को आज, फ़िकर रहती है मेरे पर्दे की नापाक हुशन, ज़ालिम जवां औऱ मेरे क़ायदे की जो सोच में ही, सोच हो छोटी लो मैं उसको गाती हुँ बीती क्या उस औरत पे वो, मैं आज बतलाती हुं पैदा हुई तो घरवालों ने भी रखा था उसको पर्दे में हुई जवां तो बुरखा... Continue Reading →

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