तेरे करीब आने से

मैं खुद को भुल जाती हुं, तेरे करीब आने से की मैं मैं नहीं रहती, तेरे मुझको बुलाने पे मेरी आँखों की हया, ओर धड़कनों की सरगम कुछ गुनगुनाती है, तेरी सुरत दिखाने पे तलब मुझको युं तेरी है, की सीने से मैं लग जाऊ मैं दुनिया भुला दुं गी, तेरे महोबत्त दिखाने पे ना... Continue Reading →

ज़िंदगी

बड़ी बेशर्म सी होती जा रही है ज़िंदगी जिसकी जरूरत है उसी से दुर जा रही है ज़िंदगी #SuDhi SuDhi

तू कहीं बाकी हैं

बिछड़ के भी आज तू मुझ में कहीं बाकी है । बगल के शहर से भी गुजरो तो भी तू महक जाती है कोई पहला अक्षर भी बोले जो नाम का तेरे बस वो यादें उगलने के लिए काफी है । ना बन पाए किसी और के , हम आज भी हैं तेरे क्या ये... Continue Reading →

चले गए वो

जाने वाले तो चले गए लेकिन तमाशा मेरी जंदगी का बन गया…. पुरी ज़िन्दगी वफा करके भी आज में बेवफ़ा बन गया ।।

बेरुखी/Ridiculous

इस बेरुखी पे कहा अब जाएं ख़ुदा वो लड़ते हैं मग़र समझाते जाते नहीं हमने रखा है उनको छूपा के बड़ा वो पास आते नहीं हम दुर जाते नहीं This is ridiculous now show the way where i can go He fight with me but do not understand I've kept him hidden Everytime everyday from... Continue Reading →

ज़िक्र

आज भी मेरे हर अल्फ़ाज़ में तेरे आने का ज़िक्र रहता हैं ।तू पास नहीं फिर भी तेरी सांसो का मुझ में इत्र रहता हैं ।।@hardikrudani

लफ़्ज

हर लफ़्ज कहानी याद है मुझे तेरे आने से, तेरे जाने तक #SuDhi SuDhi

धडक़न/Flutter

मैं सोच सोच में सोच से हारी तुमने कुछ सोचा ही नहीं मैं साथ रहुं या दुर कहीं तुमने मुझसे पुछा ही नहीं मैं सहमी सी कुछ बदली सी की तुझको तो कुछ पता नहीं मैं आदत थी कब बदल गई तुम्हें मालूम था मुझे पता नहीं मैं सोचूँ की सब ख़त्म हुआ पर हुआ... Continue Reading →

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